हिंदू धर्म में पौष पूर्णिमा को अत्यंत पवित्र, पुण्यदायी और कल्याणकारी तिथि माना गया है। यह वह शुभ दिवस है जब सूर्य देव पौष मास में स्थित होकर तेज और ऊर्जा प्रदान करते हैं तथा पूर्ण चंद्रमा अपनी शीतल किरणों से मन और आत्मा को शुद्ध करता है। सूर्य और चंद्रमा का यह दिव्य संगम जीवन से अंधकार, बाधा और दरिद्रता को दूर कर सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।
इस पावन तिथि पर संपन्न होने वाला श्री लक्ष्मी–नारायण यज्ञ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—चारों पुरुषार्थों की सिद्धि का श्रेष्ठ साधन माना गया है।
भगवान श्री नारायण (विष्णु) सृष्टि के पालनकर्ता, संकट हरने वाले और मोक्षदाता हैं, जबकि माता लक्ष्मी धन, वैभव, सौभाग्य और ऐश्वर्य की अधिष्ठात्री देवी हैं। इन दोनों की संयुक्त आराधना से जीवन में स्थायी लक्ष्मी, सुखद गृहस्थी और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
पौष पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान या पवित्र स्नान, तत्पश्चात श्रद्धा-पूर्वक श्री लक्ष्मी–नारायण यज्ञ करने से आर्थिक कष्ट, कर्ज, व्यापारिक बाधाएँ, ग्रह-दोष और नकारात्मक प्रभाव शांत होते हैं। यज्ञ की पावन अग्नि में मंत्रों के साथ दी गई आहुतियाँ वातावरण को शुद्ध कर साधक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और दैवी कृपा का संचार करती हैं।
यज्ञ के दौरान विष्णु सहस्रनाम, श्रीसूक्त,
“ॐ नमो नारायणाय” और
“ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”
जैसे मंत्रों का जाप विशेष फल प्रदान करता है। अंत में खीर का भोग, आरती तथा अन्नदान, वस्त्रदान और तिलदान करने से यज्ञ का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।
इस दिन सत्यनारायण कथा, पितृ तर्पण और दान-पुण्य करने से पितरों को शांति मिलती है तथा पितृ दोष का शमन होता है। इसी शुभ तिथि पर शाकंभरी जयंती भी मनाई जाती है, जो अन्न, प्रकृति और समृद्धि की देवी की कृपा का प्रतीक है। साथ ही, इसी दिन से माघ मेले का शुभारंभ भी होता है।
श्री लक्ष्मी–नारायण यज्ञ केवल धन प्राप्ति का साधन नहीं, बल्कि यह धर्म, सेवा, सद्भाव, संस्कार और आत्मिक शुद्धि का पवित्र माध्यम है। यह यज्ञ जीवन में संतुलन लाता है, मनोकामनाओं की पूर्ति करता है और घर-परिवार में स्थायी सुख-शांति और समृद्धि का वास कराता है।
- श्रद्धा, विश्वास और विधि-विधान से पौष पूर्णिमा के दिन किया गया श्री लक्ष्मी–नारायण यज्ञ जीवन को समृद्धि, सौभाग्य, शांति और मोक्ष की ओर अग्रसर करता है।
हमारी सेवाएं :-
- हरिद्वार एवं काशी तीर्थ क्षेत्र में युगान्तरित पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ आपके नाम और गोत्र से श्री लक्ष्मी–नारायण यज्ञ पूजा संपन्न की जाएगी।
- पूजन में उपयोग की जाने वाली सारी सामाग्री पंडित जी की तरफ से दी जाएगी, साथ ही पूर्ण विधि - विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।
- पूजा संपन्न होने के पश्चात रिकार्डेड वीडियो और फोटो भेजे जाएंगे।